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बॉलकनी के निर्माण की विधि
दिशा प्लॉट
दक्षिण/पश्चिम में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन आ जाता है। यह शुभ है।
ध्यान रहे कि बॉलकनी/छज्जा भवन के पूरे भाग में ही बनना चाहिए, किसी एक कोने में
नहीं।
पूर्व/उत्तर/ नार्थ-ईस्ट में बॉलकनी/ छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन ज्यादा आ
जाता है, जिसके गम्भीर अशुभ परिणाम हैं।
सही निर्माण की विधि
यदि पूर्व/उत्तर की तरफ बॉलकनी/छज्जा बनाना हो तो इसका भार किसी स्तम्भ या दीवार पर
ही रहना चाहिए।
विदिशा प्लॉट
साउथ-वेस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन आ जाता है। यह शुभ है।
ध्यान रहे कि बॉलकनी/छज्जा भवन के पूरे भाग में ही बनना चाहिए, किसी एक कोने में
नहीं।
नार्थ-ईस्ट/नार्थ-वेस्ट/साउथ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन
ज्यादा आ जाता है, जिसके गम्भीर अशुभ परिणाम हैं।
सही निर्माण की विधि
नार्थ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाते समय यह ध्यान रखें कि इसका भार किसी स्तम्भ या
दीवार पर ही रहना चाहिए।
नार्थ-वेस्ट या साउथ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा का निर्माण भवन के दोनो तरफ करें या
किसी भी तरफ न करें। ध्यान रखें कि दोनो तरफ की बॉलकनी की लम्बाई, चौंड़ाई व वजन एक
ही समान हो।
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