
साउथ-ईस्ट भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ गया है। इससे पूर्व व दक्षिण कोने कटने के प्रभाव
लागू होंगे। पूर्व कटने से पुरूषों को गम्भीर बीमारी, भय लगना, मान-सम्मान में कमी,
कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, संतान न होना संभव है। दक्षिण कोना कटने से घर की मुखय
महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा
होगा। नार्थ-वेस्ट में खुला स्थान होने से यह भाग हल्का हो गया है, इससे महिलाएँ बीमार,
कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, प्रशासनिक समस्याएँ, दिवालिया होना, तीसरी व सातवीं संतान
को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।