Dwarkadheesh Vastu
द्वारकाधीश वास्तु

  Join: Facebook    Orkut    Twiter

Our book Dwarkadheesh Vastu (Building Consturction) - Rs. 301/- has been published. To order it contact Ankit Mishra (08010381364)

English Website
                   
भूमि/निर्माण/कमरे में कोना कटना या बढना
कोना कटने या बढ़ने का प्रभाव सभी मंजिलों पर एक समान होगा।
दिशा प्लॉट
उत्तर फेसिंग भूमि / भवन
नार्थ-नार्थईस्ट कोना बढ़ने से शुभ प्रभाव होंगे। इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
     नार्थ-नार्थवेस्ट कोना कटने से कोई प्रभाव नहीं होगा।
नार्थ-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से महिलाएं बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, दीवालिया होना, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
            नार्थ-नार्थईस्ट कोना कटने से पूरा परिवार परेशान, महिलाएँ बीमार, धन व मान-सम्मान में कमी और पहली व चौथी संतान को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
वेस्ट-साउथवेस्ट कोना बढ़ने से घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें रहेंगी और पुरूषों को समस्याएँ रहेंगी।
साउथ-साउथवेस्ट कोना बढने से मुखय महिला, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें रहेंगी और महिलाओं को समस्याएँ रहेंगी।
साउथ-वेस्ट कोना बढने से मुखय महिला, घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें रहेंगी। और महिलाओं व पुरूषों को समस्याएँ रहेंगी।
ईस्ट-साउथईस्ट कोना बढ़ने से पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
साउथ-साउथईस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
साउथ-ईस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ व पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
 
उत्तर भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ़ गया है। इससे नार्थ-नार्थवेस्ट व नार्थ-नार्थईस्ट कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। इससे पूरा परिवार परेशान, महिलाएँ बीमार, धन व मान-सम्मान में कमी और पहली व चौथी संतान को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। दक्षिण में खुला स्थान होने से निर्माण में यह भाग कट गया है, इससे महिलाएँ बीमार व घर से बाहर रहेंगी।
दोष को दूर करने का उपाय :
भवन के बढे हुए भाग को चित्र में घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की सामग्री से कवर करके चौरस करें। कवर करने के लिए हल्की सामग्री जैसे फाईबर या टीन शेड का ही प्रयोग करें। यदि यह संभव न हो तो प्लॉट/भवन/बेडरूम के बढे हुए भाग को चित्र में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खडी करके अलग कर दें, इससे इसका आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं। यह भी संभव न होने पर दीवार को तोड कर सीधा करें।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। ध्यान रहे कि इसका वजन पिलर पर ही रहना चाहिए। दक्षिण के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार समान या भारी सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
 
बढ़े हुए भाग को तोड कर हटा दें या चित्र १ में दिखाए अनुसार कवर करने से भी दोष दूर हो जाऐंगे।
पूर्व फेसिंग भूमि / भवन
ईस्ट-नार्थईस्ट कोना बढने से शुभ प्रभाव होंगे। इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, पुरूषों के मान-सम्मान व आत्म-विश्वास में बढोत्तरी, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
        ईस्ट-साउथईस्ट कोना कटने से कोई प्रभाव नहीं होगा।
ईस्ट-साउथईस्ट कोना बढ ने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। 
          ईस्ट-नार्थईस्ट कोना कटने से गंभीर प्रभाव होंगे। इससे पूरा परिवार परेशान, पुरूष बीमार, मान-सम्मान में कमी, भय और पहली व चौथी संतान को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
नार्थ-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरा परिवार को समस्याएँ रहेंगी।
वेस्ट-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान को समस्याएँ रहेंगी।
नार्थ-वेस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ व पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरे परिवार को समस्याएँ रहेंगी।
साउथ-साउथवेस्ट कोना बढने से घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें और महिलाएँ बीमार रहेंगी।
वेस्ट-साउथवेस्ट कोना बढ ने से घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें और पुरूष बीमार रहेंगे।
साउथ-वेस्ट कोना बढ़ने से घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें और महिलाएँ व पुरूष बीमार रहेंगे। घर की मुखय महिला बीमार रहेगी।
 
पूर्व भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ़ गया है। इससे ईस्ट-नार्थईस्ट व ईस्ट-साउथईस्ट कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। इससे पूरा परिवार परेशान, बीमार, पुरूषों में भय, धन व मान-सम्मान में कमी और पहली व चौथी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। पश्चिम में खुला स्थान होने से निर्माण में यह भाग कट गया है, इससे पुरूष बीमार, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे।
दोष को दूर करने का उपाय :
भवन के बढे हुए भाग को चित्र में घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की सामग्री से कवर करके चौरस करें। कवर करने के लिए हल्की सामग्री जैसे फाईबर या टीन शेड का ही प्रयोग करें। यदि यह संभव न हो तो प्लॉट/भवन/बेडरूम के बढे हुए भाग को चित्र में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खडी करके अलग कर दें, इससे इसका आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं। यह भी संभव न होने पर दीवार को तोड कर सीधा करें।
 
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। ध्यान रहे कि इसका वजन पिलर पर ही रहना चाहिए। पश्चिम के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार समान या भारी सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
 



बढ़े हुए भाग को तोड कर हटा दें या चित्र १ में दिखाए अनुसार कवर करने से भी दोष दूर हो जाऐंगे।
दक्षिण फेसिंग भूमि / भवन
साउथ-साउथवेस्ट कोना बढ ने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे मुखय महिला, घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना व जेल जाना संभव है।
        साउथ-साउथईस्ट कोना कटने से महिलाएँ बीमार रहेंगी व उनका स्वभाव चिडचिडा होगा।
साउथ-साउथईस्ट कोना बढ़ने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
       साउथ-साउथवेस्ट कोना कटने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना व जेल जाना संभव है। घर की मुखय महिला भी बीमार रहेगी।
ईस्ट-नार्थईस्ट कोना बढ़ने से इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, पुरूषों के मान- सम्मान व आत्मविश्वास में बढोत्तरी, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
नार्थ-नार्थईस्ट कोना बढ ने से शुभ प्रभाव होंगे। इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
नार्थ-ईस्ट कोना बढ़ने से इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, मान-सम्मान व आत्मविश्वास में बढत्तरी, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
वेस्ट-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान को समस्याएँ रहेंगी।
नार्थ-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरा परिवार बीमार व परेशान रहेगा।
नार्थ-वेस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ व पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरा परिवार बीमार व परेशान, घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान को समस्याएँ रहेंगी।
 
दक्षिण भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ़ गया है। इससे साउथ-साउथवेस्ट व साउथ-साउथईस्ट कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। इससे इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना व महिलाएँ बीमार रहेंगी और उनका स्वभाव चिडचिडा होगा। उत्तर में खुला स्थान होने से निर्माण में यह भाग कट गया है, इससे धन की कमी, महिलाएँ बीमार व उनका स्वभाव चिडचिडा होगा।
दोष को दूर करने का उपाय :
चित्रों में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खड़ी करके अलग कर दें। इससे प्लॉट/निर्माण का आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। उत्तर के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की या समान सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर दोष दूर हो जाएगा।
 
यदि इन भागों को कवर करना संभव नहीं है तो बढ़े हुए भाग को दिखाए अनुसार तोड कर हटा दें।
पश्चिम फेसिंग भूमि / भवन
वेस्ट-साउथवेस्ट कोना बढने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना व जेल जाना संभव है।
           वेस्ट-नार्थवेस्ट कोना कटने से पुरूष बीमार रहेंगे व उनका आत्मविश्वास कम होगा।
वेस्ट-नार्थवेस्ट कोना बढ़ने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे पुरूष बीमार, कर्जे, झगड े, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
            वेस्ट-साउथवेस्ट कोना कटने से अशुभ प्रभाव होंगे। इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना व जेल जाना संभव है।
साउथ-साउथईस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और मुखय महिला, पहली व पाँचवीं संतान को समस्याएँ रहेंगी।
ईस्ट-साउथईस्ट कोना बढ़ने से पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरा परिवार बीमार व परेशान रहेगा।
साउथ-ईस्ट कोना बढ़ने से महिलाएँ व पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, कोर्ट-केस, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे और पूरा परिवार बीमार व परेशान, मुखय महिला, पहली व पाँचवीं संतान को समस्याएँ रहेंगी।
नार्थ-नार्थईस्ट बढ़ने से शुभ प्रभाव होंगे। इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
ईस्ट-नार्थईस्ट बढ़ने से इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, पुरूषों के मान- सम्मान व आत्मविश्वास में बढोत्तरी, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
नार्थ-ईस्ट कोना बढने से इससे धन की प्राप्ति, पूरा परिवार सुखी व सम्पन्न, निवासी उच्च पद पर कार्यरत, मान- सम्मान व आत्मविश्वास में बढोत्तरी, घर के मुखिया, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ होगा।
 
पश्चिम भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ़ गया है। इससे वेस्ट-साउथवेस्ट व वेस्ट-नार्थवेस्ट कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। इससे इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान को बीमारी, घर से बाहर रहना, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना व पुरूष बीमार रहेंगे व उनका आत्मविश्वास कम होगा। पूर्व में खुला स्थान होने से निर्माण में यह भाग कट गया है।
दोष को दूर करने का उपाय :
चित्रों में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खड़ी करके अलग कर दें। इससे प्लॉट/निर्माण का आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। पूर्व के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की या समान सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर दोष दूर हो जाएगा।
 

यदि इन भागों को कवर करना संभव नहीं है तो बढ़े हुए भाग को दिखाए अनुसार तोड कर हटा दें।
विदिशा प्लॉट
नार्थ-ईस्ट फेसिंग भूमि / भवन
पूर्व कोना बढने से पुरूष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा व पूज्यनीय होगा। पूर्व बढ ना ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक है।
              उत्तर कोना कटने से महिलाएँ सामान्य रहेंगी।
उत्तर कोना बढ़ने से धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा।
          पूर्व कोना कटने से पुरूषों को गम्भीर बीमारी, भय लगना, मान-सम्मान में कमी, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, संतान न होना संभव है।
 

पश्चिम कोना बढ़ने से धन की कमी, घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें, घर से बाहर रहना व महिलाएँ बीमार और सुस्त रहेंगी।
 

दक्षिण कोना बढने से घर की धन की कमी, मुखय महिला, स्त्री संतान व पुरूष बीमार, मान- सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा।
  नार्थ-ईस्ट भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ़ गया है। इससे पूर्व व उत्तर कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। पूर्व कटने से पुरूषों को गम्भीर बीमारी, भय लगना, मान-सम्मान में कमी, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, संतान न होना संभव है। उत्तर कटने से धन की कमी, महिलाएँ बीमार, मान-सम्मान कम व स्वभाव चिडचिडा होगा। साउथ-वेस्ट में खुला स्थान होने से निर्माण में यह भाग कट गया है, इससे घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान को बीमारी, बुरी आदतें, घर से बाहर रहना, अपराधी स्वभाव व जेल जाना संभव है।
दोष को दूर करने का उपाय :
भवन के बढे हुए भाग को चित्र में घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की सामग्री से कवर करके चौरस करें। कवर करने के लिए हल्की सामग्री जैसे फाईबर या टीन शेड का ही प्रयोग करें।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। ध्यान रहे कि इसका वजन पिलर पर ही रहना चाहिए। साउथ-वेस्ट के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार समान या भारी सांमग्री से कवर जरूरी है।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
साउथ-वेस्ट फेसिंग भूमि / भवन
पश्चिम कोना बढ ने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे।
           दक्षिण कोना कटने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा।
दक्षिण कोना बढ़ने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा। पश्चिम कोना कटने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे। चिडचिडा होगा।
 

पूर्व कोना बढ़ने से पुरूष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा। महिलाएँ सामान्य रहेंगी
 

उत्तर कोना बढने से धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ, सुखी, मान- सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा किन्तु पुरूष बीमार और सुस्त रहेंगे।
साउथ-वेस्ट भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ गया है। इससे दक्षिण व पश्चिम कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। दक्षिण कोना कटने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा। पश्चिम कोना कटने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे। चिडचिडा होगा। साउथ-वेस्ट बढ गया है और नार्थ-ईस्ट में खुला स्थान होने से यह भाग कट गया है, इससे घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान को बीमारी, बुरी आदतें, घर से बाहर रहना, अपराधी स्वभाव व जेल जाना संभव है।
दोष को दूर करने का उपाय :
प्लॉट/निर्माण के बढ़े हुए भाग को तोड कर चौरस करने से दोष दूर हो जाएगा। यदि यह संभव नहीं है तो चित्रों में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खड ी करके अलग कर दें। इससे प्लॉट/निर्माण का आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं
बॉलकनी के बढे हुए भाग को तोड कर सीधा करें। यदि यह संभव नहीं है तो इसे नीचे दिखाए अनुसार पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। नार्थ-ईस्ट के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार हल्की सामग्री से कवर करना जरूरी है।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
साउथ-ईस्ट फेसिंग भूमि / भवन
दक्षिण कोना बढने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा।
        पूर्व कटने से पुरूषों को गम्भीर बीमारी, भय लगना, मान-सम्मान में कमी, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, संतान न होना संभव है।
पूर्व कोना बढ़ने से पुरूष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा। दक्षिण कोना कटने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा।
 

उत्तर कोना बढ़ने से धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ रहेंगी। किन्तु पुरूषों को बीमारी, भय, मान-सम्मान में कमी, प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी।
 

पश्चिम कोना बढने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे। महिलाएँ बीमार व सुस्त रहेंगी।
साउथ-ईस्ट भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ गया है। इससे पूर्व व दक्षिण कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। पूर्व कटने से पुरूषों को गम्भीर बीमारी, भय लगना, मान-सम्मान में कमी, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, संतान न होना संभव है। दक्षिण कोना कटने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा। नार्थ-वेस्ट में खुला स्थान होने से यह भाग हल्का हो गया है, इससे महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, प्रशासनिक समस्याएँ, दिवालिया होना, तीसरी व सातवीं संतान को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
दोष को दूर करने का उपाय :
प्लॉट/निर्माण के बढ़े हुए भाग को तोड कर चौरस करने से दोष दूर हो जाएगा। यदि यह संभव नहीं है तो चित्रों में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खड ी करके अलग कर दें। इससे प्लॉट/निर्माण का आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। नार्थ-वेस्ट के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार समान वजनी सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
नार्थ-वेस्ट फेसिंग भूमि / भवन
उत्तर कोना बढने से धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा।
      पश्चिम कोना कटने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे।
पश्चिम कोना बढ़ने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे।
          उत्तर कोना कटने से धन की कमी, महिलाएँ बीमार, मान-सम्मान में कमी व स्वभाव चिडचिडा होगा।
 

दक्षिण कोना बढने से घर की मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, मानसिक अशान्ति व स्वभाव चिडचिडा होगा। पुरूष बीमार व सुस्त रहेंगे।
 

पूर्व कोना बढ़ने से पुरूष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बढोत्तरी व स्वभाव अच्छा होगा। महिलाएँ सामान्य रहेंगी।
  नार्थ-वेस्ट भाग में बॉलकनी/निर्माण बढ गया है। इससे उत्तर व पश्चिम कोने कटने के प्रभाव लागू होंगे। उत्तर कोना कटने से धन की कमी, महिलाएँ बीमार, मान-सम्मान में कमी व स्वभाव चिडचिडा होगा। पश्चिम कोना कटने से घर के मुखिया व पुरूष संतान को बीमारी, बुरी आदतें व घर से बाहर रहेंगे। साउथ-ईस्ट में खुला स्थान होने से यह भाग हल्का हो गया है, इससे महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, दूसरी व छठी संतान को समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
दोष को दूर करने का उपाय :
प्लॉट/निर्माण के बढ़े हुए भाग को तोड कर चौरस करने से दोष दूर हो जाएगा। यदि यह संभव नहीं है तो चित्रों में डॉटेड लाईन से दिखाए अनुसार कम से कम २ फीट ऊँची दीवार खडी करके अलग कर दें। इससे प्लॉट/निर्माण का आकार चौरस हो जाएगा। दीवार को लाँघकर इस भाग को प्रयोग कर सकते हैं।
बॉलकनी किसी भी प्रकार की हो नीचे दिखाए अनुसार इसे पूरे भाग में आयताकार ही बनाना जरूरी है। साउथ-ईस्ट के खुले हुए भाग को शेड द्वारा दिखाए अनुसार समान वजनी सामग्री से कवर करें।


खुले हुए भाग को घने शेड द्वारा दिखाए अनुसार बने हुए भाग के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री के समान वजनी सामग्री से कवर करने पर ही दोष दूर होंगे। इन भागों को कवर करना जरूरी है।
                   
यह वेबसाईट रोजाना अपडेट की जा रही है। नई व विस्तृत जानकारी के लिए इस वेबसाईट को कृपया निरंतर देखते रहे। मोबाइल नं0 :  +91- 8010381364 (अंकित मिश्रा), 09268045972, ईमेल : dwarkadheeshvastu@gmail.com