Dwarkadheesh Vastu
द्वारकाधीश वास्तु

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Our book Dwarkadheesh Vastu (Building Consturction) - Rs. 301/- has been published. To order it contact Ankit Mishra (08010381364)

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टॉयलेट का स्थान
ऊपरी मंजिल पर टॉयलेट/बॉथरूम के निर्माण में संक/गढ्ढ़ा बनाया जाता है, जिसमें से गन्दे पानी के पाईप फर्श में से ले जाते हैं। इससे भवन का वह भाग मोटा और वजनी हो जाता है। जिस दिशा में इस तरह से निर्माण होता है, उसके भारी होने के प्रभाव लागू होते हैं। इसलिए संक/गढ़ढ़ न करें। भवन के केवल दक्षिण, पश्चिम व साउथ-वेस्ट भाग में ही मोटा व भारी कर सकते हैं।
नार्थ-ईस्ट में गंदगी वर्जित है टॉयलेट का निर्माण नहीं। आजकल आधुनिक तरीके से टॉयलेट का निर्माण किया जाता है जिसमें गंदगी नहीं होती इसलिए टॉयलेट को भवन के किसी भी भाग में बना सकते हैं। टॉयलेट की शीट इस प्रकार लगाएँ कि सूर्यदेव (पूर्व) की तरफ मल-मूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए। सूर्यदेव की तरफ मुख करके मल-मूत्र का त्याग करने पर जीवन के अन्तिम समय में अत्यधिक कष्ट होते हैं।
दिशा प्लॉट
विदिशा प्लॉट
                   
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