Dwarkadheeshvastu.com
                   
बॉलकनी के निर्माण की विधि
दिशा प्लॉट

दक्षिण/पश्चिम में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन आ जाता है। यह शुभ है। ध्यान रहे कि बॉलकनी/छज्जा भवन के पूरे भाग में ही बनना चाहिए, किसी एक कोने में नहीं।

पूर्व/उत्तर/ नार्थ-ईस्ट में बॉलकनी/ छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन ज्यादा आ जाता है, जिसके गम्भीर अशुभ परिणाम हैं।
सही निर्माण की विधि


यदि पूर्व/उत्तर की तरफ बॉलकनी/छज्जा बनाना हो तो इसका भार किसी स्तम्भ या दीवार पर ही रहना चाहिए।
विदिशा प्लॉट

साउथ-वेस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन आ जाता है। यह शुभ है। ध्यान रहे कि बॉलकनी/छज्जा भवन के पूरे भाग में ही बनना चाहिए, किसी एक कोने में नहीं।

नार्थ-ईस्ट/नार्थ-वेस्ट/साउथ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाने से मुखय दीवार पर वजन ज्यादा आ जाता है, जिसके गम्भीर अशुभ परिणाम हैं।
सही निर्माण की विधि

नार्थ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा बनाते समय यह ध्यान रखें कि इसका भार किसी स्तम्भ या दीवार पर ही रहना चाहिए।

नार्थ-वेस्ट या साउथ-ईस्ट में बॉलकनी/छज्जा का निर्माण भवन के दोनो तरफ करें या किसी भी तरफ न करें। ध्यान रखें कि दोनो तरफ की बॉलकनी की लम्बाई, चौंड़ाई व वजन एक ही समान हो।