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छत पर निर्माण से नीचे की सभी मंजिलों के कमरों पर प्रभाव
दिशा प्लॉट
उत्तर फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण पश्चिम में है। जोकि पूरे भवन के लिए ठीक जगह पर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की दक्षिण की दीवार व साउथ-वेस्ट कोने में है। यह शुभ है।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे की पश्चिम की दीवार पर है, यह शुभ है।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की उत्तर की दीवार व नार्थ-वेस्ट कोने में है। इससे इस कमरे में रहने वाली महिलाएँ बीमार, धन की कमी, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति। यदि इस कमरे में पति-पत्नी रहते हैं तो उनकी तीसरी संतान बेटी होने पर उसे अधिक समस्याएँ रहेंगी।
दोष का समाधान :
  • समाधान 1: पहले से बने हुए निर्माण से दक्षिण की दीवार तक शेड द्वारा दिखाए अनुसार निर्माण करें। निर्माण की छत के लिए पहले से बने हुए भाग की छत में प्रयोग की गई सामग्री के समान या उससे भारी सामग्री का ही प्रयोग करें। निर्माण साउथ-वेस्ट कोने से कम से कम ३ फीट दूर होना चाहिए। निर्माण की छत का वजन रोकने के लिए दक्षिण की दीवार पर पिलर या दीवार खड़ी करें व पहले से बने हुए निर्माण से पिलर तक बीम डालें।
  • समाधान 2: छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा।
पूर्व फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण उत्तर की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की पश्चिम की दीवार पर है, जिससे इस दीवार पर वजन बढ़ जाएगा। यह शुभ है।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के उत्तर भाग में है, इससे इस कमरे में महिलाएँ बीमार, स्वभाव चिडचिडा, मान-सम्मान व धन की कमी रहेगी।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की पूर्व की दीवार पर है। इससे इस कमरे में रहने वाले पुरूषों को बीमारी, भय, मान-सम्मान में कमी, प्रशासनिक समस्याएँ व धन की कमी रहेगी।
दोष का समाधान : दोष को पूरी तरह से दूर करने के लिए निर्माण को तोड कर हटा दें।
  • समाधान 1: पहले से बने हुए निर्माण से पश्चिम की दीवार तक शेड द्वारा दिखाए अनुसार निर्माण करें। निर्माण की छत के लिए पहले से बने हुए भाग की छत में प्रयोग की गई सामग्री के समान या उससे भारी सामग्री का ही प्रयोग करें। निर्माण नार्थ-वेस्ट कोने से कम से कम ३ फीट दूर होना चाहिए। निर्माण की छत का वजन रोकने के लिए पश्चिम की दीवार पर पिलर या दीवार खड़ी करें व पहले से बने हुए निर्माण से पिलर तक बीम डालें। इससे कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे।
  • समाधान 2: छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा। इससे कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे।
दक्षिण फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण पूर्व की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की उत्तर की दीवार व नार्थ-नार्थवेस्ट भाग में है। इससे इस कमरे में रहने वाली महिलाएँ बीमार, धन की कमी, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति। यदि इस कमरे में पति-पत्नी रहते हैं तो उनकी तीसरी संतान बेटी होने पर उसे समस्याएँ रहेंगी।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के पूर्व भाग में है, इससे इस कमरे के पुरूष बीमार, मान-सम्मान में कमी व भय रहेगा।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की दक्षिण दीवार पर है, जिससे इस दीवार पर वजन बढ जाएगा। यह शुभ है।
दोष का समाधान : दोष को पूरी तरह से दूर करने के लिए निर्माण को तोड कर हटा दें।
  • समाधान 1: पहले से बने हुए निर्माण से दक्षिण की दीवार तक शेड द्वारा दिखाए अनुसार निर्माण करें। निर्माण की छत के लिए पहले से बने हुए भाग की छत में प्रयोग की गई सामग्री के समान या उससे भारी सामग्री का ही प्रयोग करें। निर्माण साउथ-ईस्ट कोने से कम से कम ३ फीट दूर होना चाहिए। निर्माण की छत का वजन रोकने के लिए दक्षिण की दीवार पर पिलर या दीवार खड़ी करें व पहले से बने हुए निर्माण से पिलर तक बीम डालें। इससे कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे।
  • समाधान 2: छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा। इससे कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे।
पश्चिम फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण दक्षिण की दीवार पर है जोकि पूरे भवन के लिए सही जगह पर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की पूर्व की दीवार व साउथ-ईस्ट कोने में है। इससे इस कमरे में रहने वाले पुरूषों को बीमारी, भय, मान-सम्मान में कमी, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति, आग-चोरी की घटनाएँ व प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी। यदि इस कमरे में पति-पत्नी रहते हैं तो उनकी दूसरी संतान बेटा होने पर उसे अधिक समस्याएँ रहेंगी।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे की दक्षिण की दीवार पर है जिससे इस दीवार पर वजन बढ जाएगा। यह शुभ है।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की पश्चिम दीवार पर है,जिससे इस दीवार पर वजन बढ जाएगा। यह शुभ है।
 

दोष का समाधान : पहले से बने हुए निर्माण से पश्चिम की दीवार तक शेड द्वारा दिखाए अनुसार निर्माण करें। निर्माण की छत के लिए पहले से बने हुए भाग की छत में प्रयोग की गई सामग्री के समान या उससे भारी सामग्री का ही प्रयोग करें। निर्माण साउथ-वेस्ट कोने से कम से कम ३ फीट दूर होना चाहिए। निर्माण की छत का वजन रोकने के लिए पश्चिम की दीवार पर पिलर या दीवार खड़ी करें व पहले से बने हुए निर्माण से पिलर तक बीम डालें।
विदिशा प्लॉट
नार्थ-ईस्ट फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण नार्थ-वेस्ट की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की साउथ-वेस्ट की दीवार पर है। यह शुभ है।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के नार्थ-वेस्ट भाग में है, इससे इस कमरे में महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगड़े व मानसिक अशान्ति रहेगी।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की नार्थ-ईस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ व पुरूष बीमार, मान-सम्मान व धन की कमी व प्रगति नही होगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी पहली/पाँचवी संतान को अधिक समस्याएँ रहेंगी।



दोष का समाधान : छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा। किन्तु कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे। दोष को पूरी तरह से दूर करने के लिए निर्माण को तोड़कर हटा दें।
साउथ-ईस्ट फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण नार्थ-ईस्ट की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की नार्थ-वेस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति व प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी तीसरी संतान बेटी होने पर उसे समस्याएँ रहेंगी।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के नार्थ-ईस्ट भाग में है। इस कमरे में महिलाएँ व पुरूष बीमार, मान-सम्मान व धन की कमी व प्रगति नही होगी।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की साउथ-ईस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी दूसरी संतान को समस्याएँ रहेंगी।



दोष का समाधान : छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा। किन्तु कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे। दोष को पूरी तरह से दूर करने के लिए निर्माण को तोड़कर हटा दें।
नार्थ-वेस्ट फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण नार्थ-वेस्ट की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की साउथ-ईस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी दूसरी संतान को समस्याएँ रहेंगी।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के साउथ-वेस्ट की दीवार पर है, जिससे इस दीवार पर वजन बढ जाएगा। यह शुभ है।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की नार्थ-वेस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति व प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी तीसरी संतान बेटी होने पर उसे समस्याएँ रहेंगी।



दोष का समाधान : छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा।
साउथ-वेस्ट फेसिंग भवन
सामने दिखाए गए चित्र में छत पर निर्माण साउथ-ईस्ट की दीवार से ३ फीट दूर है। छत के नीचे कमरे बने हुए हैं जो डॉटेड लाईन से दिखाए गए हैं। हर कमरे के लिए अलग-अलग वास्तु का आकलन करने पर :-
कमरा १ : छत पर निर्माण इस कमरे की नार्थ-ईस्ट की दीवार पर है। इस कमरे में महिलाएँ व पुरूष बीमार, मान-सम्मान व धन की कमी व प्रगति नही होगी। यदि इस कमरे को पति-पत्नी प्रयोग कर रहे हैं तो उनकी पहली/पाँचवी संतान को अधिक समस्याएँ रहेंगी।
कमरा २ : छत पर निर्माण इस कमरे के साउथ-ईस्ट भाग में है, इससे इस कमरे की महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगड़े, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ व प्रशासनिक समस्याएँ रहेंगी।
कमरा ३ : छत पर निर्माण इस कमरे की दीवार से दूर है, इससे कोई प्रभाव नहीं होगा।
कमरा ४ : छत पर निर्माण इस कमरे की साउथ-वेस्ट की दीवार पर है। यह शुभ है।



दोष का समाधान : छत पर बने हुए निर्माण को छोटा करें जिससे इसका वजन कमरा नं० १ व ४ की दीवारों पर न रहे। यदि इस निर्माण की दीवारें कमरा नं० १ व ४ की दीवारों से ३ फीट तक दूर हो जाती हैं तो दोष दूर हो जाएगा। किन्तु कमरा नं० २ के लिए आंशिक दोष रहेंगे। दोष को पूरी तरह से दूर करने के लिए निर्माण को तोड़कर हटा दें।