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भवन/कमरे में सडक/गैलरी की टक्कर
सडक/गैलरी की टक्कर के गंभीर प्रभाव हैं। कुछ सड़क टक्कर शुभ प्रभाव वाली होती हैं और कुछ अशुभ।
दिशा प्लॉट
नार्थ-ईस्ट सड़क टक्कर के पूर्णतया शुभ प्रभाव है। इससे महिलाएँ व पुरूष सुखी, सम्पन्न, मान-सम्मान व धन की प्राप्ति व उच्च पद पर कार्यरत होंगे, पहली और चौथी संतान को विशेष लाभ मिलेगा। 
         इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।
साउथ-ईस्ट सड क टक्कर के पूर्णतया अशुभ प्रभाव है। इससे महिलाएं बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
        इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाऐंगे।
साउथ-वेस्ट सडक टक्कर के पूर्णतया अशुभ प्रभाव है। इससे धन की कमी, घर के मुखिया व पहली और पाँचवीं संतान बीमार, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना, एक्सीडेंट व मृत्यु भी संभव है।
        इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाऐंगे।
नार्थ-वेस्ट सड क टक्कर के पूर्णतया अशुभ प्रभाव है। इससे महिलाएं बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, दीवालिया होना, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।
        इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाऐंगे।

उत्तर फेसिंग भवन

नार्थ-नार्थईस्ट भाग में सड़क टक्कर एक फीट से लेकर आधे भाग तक लगना पूर्णतयाः शुभ है। इससे घर की महिलाएँ स्वस्थ, पूज्यनीय व धन-धान्य में बढ ोत्तरी होगी। परन्तु पुरुष मेहनती व कंजूस होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

नार्थ-नार्थवेस्ट भाग में एक फीट से लेकर आधे भाग तक सड़क टक्कर लगना पूर्णतयाः अशुभ है। इससे महिलाएं बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, दीवालिया होना, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाएँगे।

 

 

भवन के पूरे भाग में सड क टक्कर लग रही है। चौडाई के बीच से पश्चिम की तरफ सड क टक्कर नार्थ-नार्थवेस्ट अशुभ है और पूर्व की तरफ लगने वाली सडक टक्कर नार्थ-नार्थईस्ट शुभ है। इस भवन में अशुभ परिणाम अधिक होंगे। शुभ सड क टक्कर होने के कारण गुजारे लायक धन आता रहेगा व अशुभ परिणामों में कुछ कमी होगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाऐंगे।

पूर्व फेसिंग भवन

ईस्ट-नार्थईस्ट भाग में सड़क टक्कर एक फीट से लेकर आधे भाग तक लगना पूर्णतयाः शुभ है, इससे धन की प्राप्ति, परिवार की प्रगति होगी व सुख-शान्ति रहेगी, मान-सम्मान होगा व बडी संतान को विशेष लाभ मिलेगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

ईस्ट-साउथईस्ट भाग में एक फीट से लेकर आधे भाग तक सडक टक्कर लगना पूर्णतयाः अशुभ है। इससे पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, प्रशासनिक समस्याएँ, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाएँगे।

 

 

भवन के पूरे भाग में सड क टक्कर लग रही है। चौडाई के बीच से दक्षिण की तरफ सड क टक्कर ईस्ट-साउथईस्ट अशुभ है और पूर्व की तरफ लगने वाली सडक टक्कर ईस्ट-नार्थईस्ट शुभ है। इस भवन में अशुभ परिणाम अधिक होंगे। शुभ सडक टक्कर होने के कारण गुजारे लायक धन आता रहेगा व अशुभ परिणामों में कुछ कमी होगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाऐंगे। 

दोष का समाधान :
अशुभ सड़क टक्कर के सामने दिखाए अनुसार कम से कम ४ इंच मोटी व ८ फीट ऊंची दो दीवारे खडी करें, इन दीवारों के बीच में कम से कम ४ इंच की खाली जगह हो। इन दीवारों और मुखय दीवार के बीच कम से कम चलने योग्य जगह अवश्य छोडें। मुखयद्वार को दिखाई गई जगह में ही बनाएँ।

दक्षिण फेसिंग भवन

साउथ-साउथईस्ट भाग में सड क टक्कर एक फीट से लेकर ३३ प्रतिशत भाग तक लगना शुभ है। इससे घर की महिला व स्त्री संतान स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में वृद्वि व स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव बढ जाएँगे।

 

 

 

साउथ-साउथवेस्ट भाग में सड़क टक्कर एक फीट से लेकर ६७ प्रतिशत भाग तक लगना अशुभ है। इससे घर के मुखिया, मुखय महिला व पहली और पाँचवीं संतान बीमार, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना, एक्सीडेंट व मृत्यु भी संभव है। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाएँगे।

 

 

 

भवन के पूरे भाग में सड क टक्कर लग रही है। चौडाई के तीन भाग करने पर साउथ-साउथईस्ट सडक टक्कर शुभ है और दक्षिण व साउथ-साउथवेस्ट सड क टक्कर अशुभ है। इस भवन में अशुभ परिणाम अधिक होंगे। शुभ सड क टक्कर के कारण अशुभ परिणामों में कुछ कमी आएगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाऐंगे। 

पश्चिम फेसिंग भवन

वेस्ट-नार्थवेस्ट भाग में सड क टक्कर एक फीट से लेकर ३३ प्रतिशत भाग तक लगना शुभ है। इससे घर के पुरुष प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत, समाज में मान-सम्मान, नेता बनना व पुरुषों का वर्चस्व संभव है। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव बढ जाएँगे।

 

 

 

वेस्ट-साउथवेस्ट भाग में सड़क टक्कर एक फीट से लेकर ६७ प्रतिशत भाग तक लगना अशुभ है। इससे घर के मुखिया, पहली व पाँचवीं संतान बीमार, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना, एक्सीडेंट व मृत्यु भी संभव है। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाएँगे।

 

 

 

भवन के पूरे भाग में सड क टक्कर लग रही है। चौडाई के तीन भाग करने पर वेस्ट-नार्थवेस्ट सड क टक्कर शुभ है और पश्चिम व वेस्ट-साउथवेस्ट सड क टक्कर अशुभ है। इस भवन में अशुभ परिणाम अधिक होंगे। शुभ सड क टक्कर होने के कारण अशुभ परिणामों में थोडी कमी आएगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाऐंगे।

दोष का समाधान :
अशुभ सड़क टक्कर के सामने दिखाए अनुसार अपने प्लॉट में आगे की तरफ कम से कम ४ फीट खाली जगह छोड कर, इसके पश्चात मुखय दीवार व द्वार बनाएँ । छोडी हुई जगह में अशुभ सडक टक्कर के सामने कम से कम ४ इंच मोटी व ८ फीट ऊंची दो दीवारे खडी करें, इन दीवारों के बीच में कम से कम ४ इंच की खाली जगह हो। इन दीवारों और मुखय दीवार के बीच कम से कम चलने योग्य जगह अवश्य छोडें। मुखयद्वार को दिखाई गई जगह में ही बनाएँ।

विदिशा प्लॉट

 

पूर्व सड़क टक्कर के पूर्णतया शुभ प्रभाव है। इससे पुरूष सुखी, स्वस्थ, मान-सम्मान व धन की प्राप्ति व उच्च पद पर कार्यरत होंगे। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

उत्तर सड क टक्कर के पूर्णतया शुभ प्रभाव है। इससे धन की प्राप्ति, महिलाएं स्वस्थ और सुखी रहेंगी और उनका स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

दक्षिण सडक टक्कर के पूर्णतया अशुभ प्रभाव है। इससे मुखय महिला व स्त्री संतान बीमार, मानसिक अशान्ति, मान-सम्मान में कमी व स्वभाव चिड चिड ा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाएँगे।

 

पश्चिम सडक टक्कर के पूर्णतया अशुभ प्रभाव है। इससे घर के मुखिया व पुरूष संतान बीमार, बुरी आदतें, अपराधी होना, जेल जाना, एक्सीडेंट व मृत्यु भी संभव है। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाऐंगे।

नार्थ-ईस्ट फेसिंग भवन

भवन की चौंड़ाई के तीन बराबर भाग करने पर पूर्व भाग में सड क टक्कर के पूर्णतयाः शुभ प्रभाव है। इससे पुरुष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान व आय में बृद्वि, उच्च पद पर कार्यरत होंगे व स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

भवन की चौंडाई के तीन बराबर भाग करने पर उत्तर भाग में सड क टक्कर के पूर्णतयाः शुभ प्रभाव हैं। इससे धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ, सुखी और स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

भवन के पूरे नार्थ-ईस्ट भाग में सडक टक्कर के पूर्णतया शुभ प्रभाव हैं। इससे पूरा परिवार स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में बृद्वि व धन की प्राप्ति होगी। निवासी बुद्विमान व मेहनती होंगे और पहली व चौथी संतान को विशेष लाभ मिलेगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

साउथ-ईस्ट फेसिंग भवन

भवन की चौंड़ाई के तीन बराबर भाग करने पर पूर्व भाग में सडक टक्कर एक फीट से लेकर ३३ प्रतिशत तक लगना शुभ है। इससे पुरुष स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान व आय में बृद्वि, उच्च पद पर कार्यरत होंगे व स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

भवन की चौंडाई के तीन बराबर भाग करने पर साउथ-ईस्ट और दक्षिण भाग में सडक टक्कर एक फीट से ६७ प्रतिशत तक लगना अशुभ है। इससे महिलाएँ बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, दूसरी व छठी संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।

 

 

भवन के पूरे भाग में सडक टक्कर लग रही है। चौडाई के तीन बराबर भाग करने पर पूर्व भाग में सड क टक्कर के शुभ प्रभाव हैं किन्तु साउथ-ईस्ट और दक्षिण भाग में सडक टक्कर के अशुभ प्रभाव हैं। इस भवन में अशुभ प्रभाव अधिक होगें। शुभ सडक टक्कर के कारण अशुभ प्रभावों में कमी आएगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाएँगे।

 

दोष का समाधान :
अशुभ सड़क टक्कर के सामने दिखाए अनुसार कम से कम ४ इंच मोटी व ८ फीट ऊंची दो दीवारे खडी करें, इन दीवारों के बीच में कम से कम ४ इंच की खाली जगह हो। इन दीवारों और मुखय दीवार के बीच कम से कम चलने योग्य जगह अवश्य छोडें। मुखयद्वार को दिखाई गई जगह में ही बनाएँ।

साउथ-वेस्ट फेसिंग भवन

भवन की चौंड़ाई के तीन बराबर भाग करने पर दक्षिण भाग में सडक टक्कर एक फीट से लेकर ३३ प्रतिशत तक शुभ है। इससे महिलाएँ व स्त्री संतान स्वस्थ, सुखी, मान-सम्मान में वृद्वि व स्वभाव विनम्र होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव बढ जाएँगे।

 

 

भवन की चौंडाई के तीन बराबर भाग करने पर पश्चिम व साउथ-वेस्ट भाग में सडक टक्कर एक फीट से लेकर ६७ प्रतिशत तक अशुभ हैं। इससे घर का मुखिया, पुरुष, पहली व पाँचवीं संतान बीमार, मान-सम्मान में कमी, बुरी आदतें, घर से बाहर रहना, अपराधी स्वभाव व जेल जाना संभव है। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाएँगे।

 

भवन के पूरे भाग में सड़क टक्कर लग रही है। चौंड ाई के तीन बराबर भाग करने पर दक्षिण भाग में सड क टक्कर के शुभ प्रभाव हैं किन्तु साउथ-वेस्ट और पश्चिम भाग में सड क टक्कर के अशुभ प्रभाव हैं। इस भवन में अशुभ प्रभाव अधिक होगें। शुभ सड क टक्कर के कारण अशुभ प्रभावों में कमी आएगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव काफी कम हो जाएँगे।

नार्थ-वेस्ट फेसिंग भवन

भवन की चौंड़ाई के तीन बराबर भाग करने पर उत्तर भाग में सडक टक्कर एक फीट से लेकर ३३ प्रतिशत तक शुभ है। इससे धन की प्राप्ति, महिलाएँ स्वस्थ, सुखी और स्वभाव अच्छा होगा। इसमें बेसमेंट होने पर शुभ प्रभाव नहीं मिलेंगे बल्कि अत्यधिक अशुभ प्रभाव लागू होंगे।

 

 

भवन की चौंडाई के तीन बराबर भाग करने पर नार्थ-वेस्ट और पश्चिम भाग में सडक टक्कर एक फीट से लेकर ६७ प्रतिशत तक लगना अशुभ है। इससे महिलाएँ व पुरूष बीमार, कर्जे, झगडे, मानसिक अशान्ति, आग व चोरी की घटनाएँ, कोर्ट-केस, प्रशासनिक समस्याएँ, तीसरी व सातवीं संतान को अधिक समस्याएँ व विवाह से परेशान रहेंगे।

 

 

भवन के पूरे भाग में सड़क टक्कर लग रही है। चौडाई भवन की चौंडाई के तीन बराबर भाग करने पर उत्तर भाग में सडक टक्कर के शुभ प्रभाव हैं किन्तु नार्थ-वेस्ट और पश्चिम भाग में सड क टक्कर के अशुभ प्रभाव हैं। इस भवन में अशुभ प्रभाव अधिक होगें। शुभ सड क टक्कर के कारण अशुभ प्रभावों में कुछ कमी आएगी। इसमें बेसमेंट होने पर अशुभ प्रभाव कई गुना बढ जाएँगे।

दोष का समाधान :
अशुभ सड़क टक्कर के सामने दिखाए अनुसार अपने प्लॉट में आगे की तरफ कम से कम ४ फीट खाली जगह छोड कर, इसके पश्चात मुखय दीवार व द्वार बनाएँ । छोडी हुई जगह में अशुभ सड क टक्कर के सामने कम से कम ४ इंच मोटी व ८ फीट ऊंची दो दीवारे खडी करें, इन दीवारों के बीच में कम से कम ४ इंच की खाली जगह हो। इन दीवारों और मुखय दीवार के बीच कम से कम चलने योग्य जगह अवश्य छोडें। मुखयद्वार को दिखाई गई जगह में ही बनाएँ।