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छत का कोई एक भाग नीचा होने के प्रभाव
पूर्व , उत्तर व नार्थ-ईस्ट में छत का तल नीचा रखना सर्वश्रेष्ठ है, यदि यह संभव न हो, तो पूरी छत का तल एक समान ही रखें। किसी भी हाल में दक्षिण , पश्चिम और साउथ-वेस्ट में तल नीचा नहीं होना चाहिए। साउथ-ईस्ट और नार्थ-वेस्ट का तल एक बराबर होना चाहिए तथा ढ़ाल साउथ-वेस्ट से नार्थ-ईस्ट की ओर ही रखें। यदि किसी भाग में छत का तल २ फीट से अधिक नीचा हो जाता है तो वह गढ ्‌ढ े के रूप में माना जाएगा जिससे शेष भाग ऊँचा हो जाएगा।
शेड द्वारा दिखाई गई सही जगह

                             शुभ प्रभाव:

पूर्व , उत्तर व नार्थ-ईस्ट भाग में छत का लेबल नीचा होना श्रेष्ठ है। इससे पूरा परिवार सुखी, सम्पन्न व स्वस्थ, परिवार की प्रगति, धन की प्राप्ति, व समाज में मान-सम्मान होगा।

शेड द्वारा दिखाई गई गलत जगह में छत का तल नीचा होने के प्रभाव