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वास्तु शब्दकोष


कम्पास : यह एक यंत्र है। इसका प्रयोग दिशाओं का सही तरह से जानने के किया जाता है।

नार्थ-ईस्ट : उत्तर व पूर्व के बीच का भाग।

साउथ-ईस्ट : पूर्व व दक्षिण के बीच का भाग।

साउथ-वेस्ट : दक्षिण व पश्चिम के बीच का भाग।

नार्थ-वेस्ट : पश्चिम व उत्तर के बीच का भाग।

ब्रह्‌मस्थान : पूरे प्लॉट को ९ बराबर भागों में विभाजित करने पर मध्य का भाग ब्रह्‌मस्थान होता है।

मुखय ब्रह्‌मस्थान : ब्रह्‌मस्थान को ९ बराबर भागों में विभाजित करने पर मध्य का भाग मुखय ब्रह्‌मस्थान होता है।

भवन : मकान, दुकान, आफिस, फैक्ट्री, कारखाना इत्यादि सभी भवन हैं। इसलिए इन सभी के लिए एक समान वास्तु नियम लागू होंगे।

कम्पाउन्ड वॉल : प्लॉट के चारो तरफ की चारदीवारी को कम्पाउन्ड वॉल कहते हैं।

सेप्टिक टैंक : मल-मूत्र इत्यादि के लिए प्रयोग किए जाने वाले गढ्‌ढ़े का सेप्टिक टैंक कहते हैं।

ड्‌यूप्लेक्स : यदि एक के ऊपर एक दो मंजिलों का निर्माण हो और उनके आगे का भाग आखरी मंजिल की छत से ही कवर हो तो आगे के भाग को ड्‌यूप्लेक्स
                  कहते हैं।

डक्ट / शाफ्ट : भवन में हवा के आवागमन के लिए छोडे जाने वाले खुले स्थान को शाफ्ट / डक्ट कहते हैं।

मुमटी : आखरी छत पर सीढियों को ढकने के लिए बने कमरे को मुमटी कहते हैं।

मेजाजाईन फ्लोर : भवन में घुमावदार सीढी का निर्माण करने पर इसकी लैन्डिंग भवन की छत के तल से नीचे रहती है। किन्तु आखरी छत पर मुमटी का 
                               निर्माण होने से इसका तल छत से ऊँचा हो जाता है। इस पूरे फ्लोर को मेजाजाईन फ्लोर कहते हैं।

पैरापेट वॉल : आखरी छत पर चारो तरफ सुरक्षा के लिए बनाई जाने वाली दीवार को पैरापेट वॉल कहते हैं।

सड़क टक्कर : यदि भवन की किसी भी दीवार के सामने की तरफ से कोई सडक आती है तो उसे सडक टक्कर करते हैं।

मुखिया : जो व्यक्ति सभी सदस्यों का भरण-पोषण करता है उसे मुखिया कहते हैं। घर का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ही मुखिया हो यह आवश्यक नहीं।